सब कहते हैं मुझसे , "तुम बड़े आवारा हो .... हवा की तरह"
मैं कहता हूँ , तुम परबत बनो मेरा और दिशा दो मुझे ...
वास्ता कुछ भी नहीं कल का कल से ,
वक़्त को है मेरा पर मुझे किसी का ख्याल नहीं ....
माना मेरी बेबसी की इन्तहा नहीं .
पर मेरी आजादी की भी कोई सरहद नहीं ..
गुल-ओ-गुन्चो में गूँथ जाऊं ये मेरी नियत नहीं .
काटों में उलझ जाऊं ये मेरी फितरत नहीं ..
एक मंजिल हूँ , जो छू ले हर कोई ,
पर पा न सके कोई ,
और पाए जो कोई तो चाहे न कोई ...
जल जल कर सब यूँ ही होता दफ़न अंतर-मन
मैं फिर भी बहूँ , अनवरत ..अनवरत ..
मै तुम्हारे पास आके , टकरा जाऊं कुछ यूँ
के बह चलूँ उस ओर , जिधर तुम कहो ..
क्या मिलोगे तुम फिर मुझे यूँ ही जब फिर मै बहूँ ...
हाँ आवारा ही हूँ मै, तुम परबत बनो मेरा और दिशा दो मुझे .....................
मैं कहता हूँ , तुम परबत बनो मेरा और दिशा दो मुझे ...
वास्ता कुछ भी नहीं कल का कल से ,
वक़्त को है मेरा पर मुझे किसी का ख्याल नहीं ....
माना मेरी बेबसी की इन्तहा नहीं .
पर मेरी आजादी की भी कोई सरहद नहीं ..
गुल-ओ-गुन्चो में गूँथ जाऊं ये मेरी नियत नहीं .
काटों में उलझ जाऊं ये मेरी फितरत नहीं ..
एक मंजिल हूँ , जो छू ले हर कोई ,
पर पा न सके कोई ,
और पाए जो कोई तो चाहे न कोई ...
जल जल कर सब यूँ ही होता दफ़न अंतर-मन
मैं फिर भी बहूँ , अनवरत ..अनवरत ..
मै तुम्हारे पास आके , टकरा जाऊं कुछ यूँ
के बह चलूँ उस ओर , जिधर तुम कहो ..
क्या मिलोगे तुम फिर मुझे यूँ ही जब फिर मै बहूँ ...
हाँ आवारा ही हूँ मै, तुम परबत बनो मेरा और दिशा दो मुझे .....................
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Sab kahte hain mujhse, 'tum bade awara ho....hawa ko tarah'
Mai kahta hun, tum parbat bano mera aur disha do mujhe...
Waasta kuch bhi nahi kal ka kal se,
waqt ko hai mera par mujhe kisi ka khayal nahi....
Mai kahta hun, tum parbat bano mera aur disha do mujhe...
Waasta kuch bhi nahi kal ka kal se,
waqt ko hai mera par mujhe kisi ka khayal nahi....
Maana meri bebasi ki inteha nahi.
par meri azaadi ki bhi koi sarhad nahi..
par meri azaadi ki bhi koi sarhad nahi..
Gul-o-guncho me guNth jaaun ye meri niyat nahi.
Kaaton me ulajh jaaun ye meri fitrat nahi..
Ek manjil huun, Jo chhu le har koi,
par paa na sake koi,
aur paaye jo koi to chaahe na koi...
Jal jal kar sab yun hi huaa dafan antar-man.
main fir bhi bahuN anwarat..anwarat..
Mai tumhare paas aake, takra jaaun kuch yun
k bah chalun us or, jidhar tum kaho..
Kya miloge tum fir mujhe yun hi jab fir mai bahuN...
Haan awara hi hun mai, tum parbat bano mera aur disha do mujhe......
